ಗುರುವಾರ ೧೬ ಮಾರ್ಚ್ ೨೦೦೬

रंग दे होली के...


मेरे आसपास रंग खेलने वाले कोई नहीं,
कम से कम फ़ोटो में ही मेरी होली रंगीन तो हो जाए...

ಕಮೆಂಟ್‌ಗಳು:
मेरे घर के पास भी एक बालक है. करीब तीन -चार साल का. होली के हुड़दंग में उसे छोटा, प्यारा सा बच्चा मान कर कोई उसे रंग नहीं लगा रहा था.

परंतु थोड़ी ही देर बाद उसने क्या किया?

उसने तमाम आसपास अपनी पहुँच के रंगों से खुद अपने ही हाथों अपने गाल और वस्त्रों पर रंग डालने मलने लगा और शीघ्र ही वह भी हो गया रंगीन - औरों से भी ज्यादा.

रंगों की बरसात आपको भी मुबारक, और जरा खुद ही अपने आप पर रंग लगा कर देखें और मज़े लें - हो सके तो अपने आप का रंगा चित्र यहाँ प्रकाशित करें. :)
 
मुत्सु भाई आप यह पढे:

http://www.tarakash.com/mantavya/2006/03/blog-post_12.html

होली है
 
मत्सु हमें तो रंग का सुख भी आपकी पोस्‍ट से नसीब हो रहा है......होली है.
 
ಒಂದು ಕಮೆಂಟನ್ನು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಿ

ಇದಕ್ಕೆ ಚಂದಾದಾರರಾಗಿ ಕಾಮೆಂಟ್‌ಗಳನ್ನು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಿ [Atom]





<< ಹೋಂ

This page is powered by Blogger. Isn't yours?

ಇದಕ್ಕೆ ಚಂದಾದಾರರಾಗಿ ಪೋಸ್ಟ್‌ಗಳು [Atom]