मेरे घर के पास भी एक बालक है. करीब तीन -चार साल का. होली के हुड़दंग में उसे छोटा, प्यारा सा बच्चा मान कर कोई उसे रंग नहीं लगा रहा था.
परंतु थोड़ी ही देर बाद उसने क्या किया?
उसने तमाम आसपास अपनी पहुँच के रंगों से खुद अपने ही हाथों अपने गाल और वस्त्रों पर रंग डालने मलने लगा और शीघ्र ही वह भी हो गया रंगीन - औरों से भी ज्यादा.
रंगों की बरसात आपको भी मुबारक, और जरा खुद ही अपने आप पर रंग लगा कर देखें और मज़े लें - हो सके तो अपने आप का रंगा चित्र यहाँ प्रकाशित करें. :)
( 3 Comments:
मेरे घर के पास भी एक बालक है. करीब तीन -चार साल का. होली के हुड़दंग में उसे छोटा, प्यारा सा बच्चा मान कर कोई उसे रंग नहीं लगा रहा था.
परंतु थोड़ी ही देर बाद उसने क्या किया?
उसने तमाम आसपास अपनी पहुँच के रंगों से खुद अपने ही हाथों अपने गाल और वस्त्रों पर रंग डालने मलने लगा और शीघ्र ही वह भी हो गया रंगीन - औरों से भी ज्यादा.
रंगों की बरसात आपको भी मुबारक, और जरा खुद ही अपने आप पर रंग लगा कर देखें और मज़े लें - हो सके तो अपने आप का रंगा चित्र यहाँ प्रकाशित करें. :)
मुत्सु भाई आप यह पढे:
http://www.tarakash.com/mantavya/2006/03/blog-post_12.html
होली है
मत्सु हमें तो रंग का सुख भी आपकी पोस्ट से नसीब हो रहा है......होली है.
ÿ << Home