tag:blogger.com,1999:blog-9679049.post113910378995513258..comments2007-04-16T11:45:00.735+09:00Comments on जापान के एक कोने से...: टैक्सी नंबर 9211namastehttp://www.blogger.com/profile/11800756932934836171noreply@blogger.comBlogger4125tag:blogger.com,1999:blog-9679049.post-1139306139108849842006-02-07T18:55:00.000+09:002006-02-07T18:55:00.000+09:00आरसी जी,आलोक जी,पंकज जी,अच्छा, भाइयो, आप सब लोगं क...आरसी जी,<BR/>आलोक जी,<BR/>पंकज जी,<BR/>अच्छा, भाइयो, आप सब लोगं की बात से मतलब समझ पाया, और ख़ासकर ९, २, ११ देखके मेरा समझ पक्का हो गया.<BR/>मुझे समझाने के लिए सबका शुक्र अदा करता हूँ.<BR/>...तो मैं भी फिर हो जाऊँ, नौ दो ग्यारह...namastehttp://www.blogger.com/profile/04233231275729958250noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-9679049.post-1139222454741641592006-02-06T19:40:00.000+09:002006-02-06T19:40:00.000+09:00नो दो ग्यारह वो होते है जो बेइमान, जालसाज होते है....नो दो ग्यारह वो होते है जो बेइमान, जालसाज होते है.<BR/>काम निबटाओ और हो जाओ नो दो ग्यारह. क्यो सही है ना मित्सुभाईPankaj Benganihttp://www.blogger.com/profile/05608176901081263248noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-9679049.post-1139219931708956822006-02-06T18:58:00.000+09:002006-02-06T18:58:00.000+09:00९, २, ११ - यानी देख कर उठ के तड़ातड़ भागने लगें, उ...९, २, ११ - यानी देख कर उठ के तड़ातड़ भागने लगें, उम्मीद है कि देवनागरी की सङ्ख्याओं के जरिए समझ आ गया होगा। मुहावरा है। <BR/>अब हम होते हैं नौ दो ग्यारह।आलोकhttp://www.blogger.com/profile/03688535050126301425noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-9679049.post-1139137947150731782006-02-05T20:12:00.000+09:002006-02-05T20:12:00.000+09:00मत्सु जी नमस्कार,नौ दो ग्यारह होना एक मुहावरा है, ...मत्सु जी नमस्कार,नौ दो ग्यारह होना एक मुहावरा है, जिससे तात्पर्य (मतलब) होता है कि लोगो के देखते देखते गायब हो जाना!<BR/>तो शायद इस टै़क्सी मे कुछ ऐसा ही गुण होगा, मतलब टैक्सी का भी फ़िल्म मे महत्त्वपूर्ण योगदान है!RC Mishrahttp://www.blogger.com/profile/09541282321814427194noreply@blogger.com