tag:blogger.com,1999:blog-9679049.post114188285950947197..comments2007-04-16T11:45:00.977+09:00Comments on जापान के एक कोने से...: तोक्यो मेट्रो…namastehttp://www.blogger.com/profile/11800756932934836171noreply@blogger.comBlogger7125tag:blogger.com,1999:blog-9679049.post-1142456014310038962006-03-16T05:53:00.000+09:002006-03-16T05:53:00.000+09:00Forgot to give u link http://www.readers-cafe.net/...Forgot to give u link http://www.readers-cafe.net/mlp/<BR/><BR/>Maaf karna english me likhne ke liyeTarunhttp://www.readers-cafe.net/noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-9679049.post-1142455952898959342006-03-16T05:52:00.000+09:002006-03-16T05:52:00.000+09:00Matsu, pl. check my post and let me know if there ...Matsu, pl. check my post and let me know if there is any thing wrong about japan ke ek kone se.Tarunhttp://www.readers-cafe.net/mlp/noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-9679049.post-1142019830207663832006-03-11T04:43:00.000+09:002006-03-11T04:43:00.000+09:00ग्रेग जी,अच्छा,,, यह सुनने को तो बड़े मज़े की बात ...ग्रेग जी,<BR/>अच्छा,,, यह सुनने को तो बड़े मज़े की बात है कि न्यूयोर्क की सब्वे में मगरमच्छ भी बसते हैं!!<BR/>अपनी और दूसरे कॉम्यूटरों की सुरक्षा के लिए आप सब्वे के कर्मचारियों को बोतल वाली तकनीक के बारे में बता दीजिएगा...namastehttp://www.blogger.com/profile/04233231275729958250noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-9679049.post-1141972211383761892006-03-10T15:30:00.000+09:002006-03-10T15:30:00.000+09:00हाँ, मुझे भी इससे राज़ा है: दिल्ली मेट्रो अभी बहुत ...हाँ, मुझे भी इससे राज़ा है: दिल्ली मेट्रो अभी बहुत अच्छी होगी और बौत साफ़। तोक्यो मेट्रो थोरी-सी और पुरानी है, तो कभी-कभी कोई समस्या आई जिस्से लोगों को कोई समाधाण खोना चाहिए। लेकिन न्यूयोर्क की सब्वे में... बस पड़ती हुई पानी के लिए बोतल नहीं है, इस वजह से हमारी सब्वे में मगर ही जी रहे हैं...Greg Gouldinghttp://www.blogger.com/profile/10739857036500171438noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-9679049.post-1141929884855630562006-03-10T03:44:00.000+09:002006-03-10T03:44:00.000+09:00पंकज जी,शायद यह तो समय की बात है कि जो भी कोई नई ब...पंकज जी,<BR/>शायद यह तो समय की बात है कि जो भी कोई नई बिल्डिंग या मेट्रो हो, उसके निर्माण के बाद जितने साल बीत जाएँ उतनी बदहालियाँ भी कहीं न कहीं होने लगेंगी ही.<BR/>मगर दिल्ली-मेट्रो अभी अच्छी होगी. जी करता है उसमें सवार होके सारी दिल्ली घूमेंगे.<BR/><BR/><BR/>प्रतीक जी,<BR/>ये बोतलें बारिश के दिन में काम आती है. सब्वे के ऊपर कंकरीट की ज़मीन पे भी बहुत छोटी-छोटी दरारों(छेदों) होती है, जिनसे हर बारिश में पानी धीरे धीरे अपने रास्ते बनाते नीचे घुसकर सब्वे तक पहुँच आता है.<BR/>और जहाँ पानी के इकट्ठा होकर ज़्यादा बहने-गिरने वाले रास्ते निकले, वही सब्वे की ज़मीन और यात्रियों के न भीगने के लिए इन बोतल-यंत्र का इस्तेमाल किया जाता है.namastehttp://www.blogger.com/profile/04233231275729958250noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-9679049.post-1141920303614774322006-03-10T01:05:00.000+09:002006-03-10T01:05:00.000+09:00मत्सु जी, समझ में नहीं आय कि जगह-जगह ये बोतलें क्य...मत्सु जी, समझ में नहीं आय कि जगह-जगह ये बोतलें क्यों लगी हुई हैं?Pratikhttp://www.blogger.com/profile/02460951237076464140noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-9679049.post-1141886852802880982006-03-09T15:47:00.000+09:002006-03-09T15:47:00.000+09:00भाईजी, तस्वीरे मजेदार है. वैसे हमारी दिल्ली मेट्रो...भाईजी, तस्वीरे मजेदार है. वैसे हमारी दिल्ली मेट्रो लगता है, टोक्यो से भी अच्छी बन पडी है. :-)Pankaj Benganihttp://www.blogger.com/profile/05608176901081263248noreply@blogger.com